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Tuesday, 18 February 2020

गर्मी के दिनों में अपनी skin को बरकरार रखने के Skin care tips ......

                 Skin care tips in summer

 Skin care tips in summer
प्रतिक्रियात्मक चित्र-स्किन ब्यूटी
जैसे जैसे सर्दी कम होती जा रही वैसे-वैसे गर्मी का समय शुरु होता जा रहा है, ओर जैसे-जैसे गर्मी की सुरुआत होती जाती है, वैसे-वैसे हमारे शरीर की त्वचा में भी अंतर आना शुरू हो जाता है, साथ ही बढ़ती गर्मी के साथ हमारे शरीर की skin में भी बहुत बदलाव आने लग जाता है।
साथ ही इस मौसम में पसीने, धूल, प्रदूषित हवा, धुंए से skin की सतह पर असर पड़ता है। इसलिए गर्मी के दिनों में skin में चमक बनाये रखने के लिए सही फेसियल आयल ओर टेनिंग से बचाव के लिए sunskrin का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती हैं। साथ ही ये मौसम पसीने की समस्या लेकर आता जिससे खुजली जैसे विभिन्न त्वचा सम्बंदी समस्याएँ पैदा हो जाती है और गर्मी का मौसम skin के लिए बहुत ही नुकसान दायक होता। इसदौरान चेहरा अपनी नमी को भी खो देता हैं।

गर्मी से मुकाबले के लिए त्वचा को ऐसे करे तैयार

Skin में नमी को ऐसे रखे बरकरार

गर्मी के मौसम में त्वचा में नमी को बरकरार रखना ज़रूरी है। जैसे सूर्य की हानिकारक पैराबैंगनी किरणों से skin पर दाग धब्बे पड़ जाते है जिससे इसका रंग काला पड़ जाता है, जिससे आपका चेहरा बदसूरत-सा लगने लग जाता हैं। साथ ही स्किन में नमी को बरकरार रखने के लिए अधिक पानी पीना चाहिए।

चेहरे पर फेसिअल ऑइल लगाएँ

फेसिअल ऑयल आपकी skin के लिए उपयुक्त होते हैं तथा ये सभी मौसम में आपकी त्वचा के लिए मददगार होते है। यह उत्पाद हर skin पर असरदार होते हैं। ऒर इसे लगाने भी आसान होता है। गर्मी के मौसम में netural seed ऑइल की मौजूदगी वाले light wet फेसियल oil का इस्तेमाल करना चाहिए।

Sunskrin लगाए

सनस्क्रिन तेज धूप में त्वचा को ज़्यादा नुकसान पहुचने से बचाता है। भारत जैसे अधिक तापमान वाले देश में त्वचा को तेज धूप से नुकसान पहुचता है। ऐसे में कम से कम spf-30 तक के सनस्क्रिन cream का इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे skin की कोमलता बनी रहेगी।

त्वचा को फ्रेश बनाए रखने के लिये फेस पैक लगाएँ

जहाँ त्वचा को रोजाना अच्छी तरह से साफ करने से धूप से हुए नुकसान का मुकाबला करने में मदद मिलती है, वहीं साप्ताहिक या पाक्षिक रूप से फेस मास्क से भी हम अपनी skin में निखार पा सकते हैं और साथ ही गर्मी के मौसम में face pack भी बहुत कारगर साबित होते हैं। जैसे यहाँ पर हम कुछ face pack के बारे में बताएंगे जो इस प्रकार हैं।
खीरे, शहद, दही और तरबूज के साथ हम घर पर ही अपना मास्क तैयार कर सकते हैं, यदि आप स्वयं मास्क बनाना पसंद नहीं करतीं या तेज धूप की वजह से बाज़ार में भी जाना नहीं चाहती हैं तो नैचुरल एक्सट्रैक्ट या इंग्रिडिएंट बेस्ड फेस मास्क का चयन करें।

गर्मी के लिए 5 सबसे अच्छे फेस pack

Summer सीज़न में चेहरे की ख़ूबसूरती को बनाये रखना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह का फेस पैक लगाएँ, ताकि चेहरे की ख़ूबसूरती इस गर्मी में भी बनी रहे। ओर आप हमेशा सूंदर ओर दमकती skin के साथ दिखे। जो निम्न है-

आम का face pack लगाए

गर्मी में आम का सीज़न रहता है। खाने में आम खाने के साथ आप उसका फेस पैक बनाएँ। इसके लिए आम का गूदा निकालें और उसमें कोल्ड क्रीम और थोड़ा-सा ठंडा दूध मिलाकर पेस्ट बनाएँ। अब इसे चेहरे पर लगाएँ। 15 मिनट के बाद धो लें। ये paste चहरे पर एक सप्ताह में 2 बार लगाये।

तरबूज (watermelon) फेस पैक

गर्मियों में तरबूज़ खाने से बॉडी हाइड्रेट रहती है। चेहरे की नमी बनाए रखने के लिए आप तरबूज़ का फेस पैक तैयार करें। इसके लिए आप तरबूज़ के गूदे में दही मिलाएँ और चेहरे पर लगाएँ। 15-20 मिनट के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। आपकी skin बहुत अच्छा बदलाव देखने को मिलेगा।

निम्बू (lemon) फेस पैक

नींबू गर्मियों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है। लेमन फेस पैक से चेहरे के दाग़-धब्बे दूर होते हैं। शहद और नींबू के रस को मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब इसे चेहरे पर लगाएँ। 30 मिनट के बाद चेहरा धो लें। ये फेस पैक नहाने के पहले करना चाहिए। इस फेस पैक का प्रयोग करने से आपके चेहरे पर पुराने से पुराने दाग धब्बे खत्म हो जाते है।

कीवी (kivi) फेस पैक

कीवी का फल रक्त की कमी से होने वाले प्लेट्स की कमी को भी पूरा करता है तथा साथ ही ये कीवी चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के भी काम आता है, ख़ासतौर पर गर्मियोेंं में। इसे बनाने के लिए सबसे पहले कीवी का जूस निकालें। इसमें शहद और बादाम का पेस्ट मिलाकर पैक तैयार करें। अब इसे चेहरे पर लगाएँ। 15 मिनट के बाद धोएँ, आपके चहरे का निखार पहले से दुगुना हो जाएगा।

खीरा फेस पैक

खीरा यानी ककड़ी में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है। गर्मी में चेहरे को हाइड्रेट रखने के लिए खीरा फेस पैक लगाएँ। खीरे को पीसकर उसमें पिसी हुई शक्कर और दही मिलाएँ। अब इसे चेहरे पर लगाएँ। 30 मिनट के बाद चेहरा धो लें, जिससे आपकी skin में निखार देखने को मिलेगा, साथ ही इस फेस पैक को सप्ताह में काम से कम 3 बार करना चाहिए।

टेनिंग दूर करने के 5 नेचुरल तरीके

 Skin care tips in summer
प्रतिक्रियात्मक चित्र-skin टेनिंग
गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या जो स्किन के लिए होती है, वह है स्किन टैनिंग। स्किन पैची और मूर्छित-सी दिखने लगती है। कैसे दूर करें स्किन टैनिंग नेचुरली? आइए, जानते हैं-

दही

दही सेहत और सुंदरता दोनों के लिए बहुत ही ज़रूरी है। दही को अच्छे से फेंटें और फिर इसमें नींबू का रस मिलाकर टैनिंगवाली जगह लगाएँ। 30 मिनट के बाद धो लें। आपकी skin में आपको खूबसूरती तथा कोमलता का अहसास होगा।

टमाटर का रस

टमाटर से टैनिंग बहुत जल्दी दूर होती है। इसके लिए टमाटर को पीसकर उसका रस निकाल लें। अब इसमें थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाएँ और प्रभावित जगह पर लगाएँ। 30 मिनट के बाद धो लें। ऐसा नियमित रूप से करने पर जल्द टैनिंग दूर हो जाती है और त्वचा में निखार आता है।

हल्दी

थोड़े-से हल्दी पाउडर को नींबू के रस के साथ मिक्स करके लगाएँ। फिर 30 मिनट के बाद धो लें। जल्द फ़ायदा मिलने के लिए ऐसा हफ़्ते में 3 दिन करें। आपको अवश्य फायदा मिलेगा। साथ ही इससे चेहरे की खुबसूरती में बढ़ावा देखने को मिलेगा।

आलू

आलू विटामिन-सी के गुणों से भरपूर आलू टैनिंग के लिए कारगर होता है। इससे त्वचा पर पड़े काले धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं। आप चाहें तो इसे पीसकर पेस्ट बनाकर लगा सकती हैं। अगर ज़्यादा समय नहीं है, तो आलू की पतली-पतली स्लाइस काटें और टैनिंगवाली जगह पर रगड़ें। आलू का रस भी लगा सकती हैं। इसके लिए आलू को पीसकर उसका रस निकाल लें और इसमें ककड़ी का रस मिलाकर लगाएँ, आपको जल्द फ़ायदा मिलेगा। ये सप्ताह में 3 बार करे जिससे आपको जल्दी फायदा देखने को मिलेगा।

निम्बू

टैनिंग दूर करने के लिए नींबू अच्छा विकल्प है। टैनिंगवाले हिस्से पर नींबू का रस लगाइए और 30 मिनट के बाद पानी से धो लीजिए। इससे आपकी खूबसूरत तथा skin में कोमलता दिखाई देगी।

गर्मी शुरू होते ही शरीर से पसीना आना, खुजली होना, जैसी समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में आइए, हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिससे आप पाएंगे फ्लॉलेस स्किन।

1. गर्मियों में right सनस्क्रीन का चयन करना ज़रूरी होता है, क्योंकि हर किसी की स्किन टोन अलग होती है। ग़लत सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन ख़राब हो सकती है।
2. 15 एसपीएफ या उससे ज़्यादा एसपीएफ वाला सनस्क्रीन लगाएँ।
3. मॉइश्‍चराइज़र की ज़रूरत स़िर्फ सर्दियों में ही नहीं होती। गर्मी में भी त्वचा में नमी बरकरार रखने के लिए मॉइश्‍चराइज़र ज़रूर लगाएँ
4. ख़ूबसूरत lips लिए लिपबाम लगाना न भूलें।
5. ऑयल फ्री मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।
6. दिनभर धूप में घूमने के बाद आप हमेशा एलोवीरा जेल चेहरे पर लगाएँ।
7. ठंडे पानी से नहाएँ। इससे पसीना कम आएगा और चेहरे पर कील-मुंहासे भी नहीं आते।
8. चेहरे पर फ्रूट मास्क लगाएँ। इससे स्किन हाइड्रेट रहेगी और आप निखरी-निखरी दिखेगी।
9. डायट में शामिल करें जूसी फ्रूट। इससे शरीर को पर्याप्त पानी मिलता रहेगा और स्किन शाइन करेगी।
10. चेहरे से पसीना पोंछने के लिए सॉफ्ट टॉवल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। अपने पर्स में टिश्यू पेपर रखें।

अगर skin, ऑयली है तो अपनाये ये टिप्स

गर्मियों में ऑयली स्किनवालों को ज़्यादा केयर की ज़रूरत होती है। ऐसे में कैसे रखें अपनी त्वचा का ख़्याल? जो इस प्रकार है-

ऑयली skin का ऐसे रखे ख्याल(Skin care tips in summer for oily skin)

  1. गर्मी के मौसम में चेहरे को लाइट क्लींजर के साथ दिन में कम से कम दो बार धोना चाहिए। दिन में दो बार और खासकर रात में चेहरा धोना बेहद ज़रूरी है, जिससे रोमछिद्र खुल जाएँ। तैलीय त्वचा वाले लोगों के लिए यह सलाह है कि वे अपने चेहरे को कई बार धोएँ। त्वचा पर हल्के, हाइड्रेटिंग क्लींजर और लोशन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जिससे कि आपकी त्वचा सही ढंग से इसे अवशोषित कर सके और त्वचा पर गंदगी को दूर करने में मदद मिल सके।
  2. ऑयली skin के लिए ककड़ी बहुत ही फायदेमंद होता, मेकअप करने से पहले ककड़ी को पीसकर पेस्ट बना ले और इसमें शहद मिलाकर चेहरे पर लगाये। लगभग 30 मिनट के बाद धो ले, इससे स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल निकल जायेगा, ओर आपका चेहरा आयल free हो जाएगा।
  3. अंडे की जरदी में शहद मिलाकर लगाये ओर इसे चेहरे पर लगाये, लगभग 30 मिनट के बाद धो ले, इससे चेहरे पर लगा अतिरिक्त ऑयल निकल जायेगा
  4. समय समय पर टिश्यू पेपर से चेहरे को साफ करें, जिससे चेहरे पर लगा अतिरिक्त ऑयल निकल जायेगा और आपकी skin कोमल हो जाएगी।
  5. संतरे के छिलके को पीसकर पाउडर बनाये ओर उसमे निम्बू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाकर मसाज करें। आपको ये तरीका स्किन से ऑयल हटाने में बहुत कामयाब होगा।

Fresh और glowing स्किन चाहिए तो अपनाये ये टिप्स

1) रात को सोते समय हल्दीवाला दूध पीएँ। इससे शरीर को पोषण मिलेगा और स्किन शाइन करेगी।
2) नारियल पानी का सेवन रोजाना करें।
3) गरम चीज़ों का सेवन कम करें।
4) दिन में खाने से ज़्यादा पीने पर ध्यान दें। डायट में जूस शामिल करें।
5) फ्रूट्स का सेवन बढ़ा दें। पानीवाले फलों का सेवन करें।
6) चेहरे पर फ्रूट मास्क ज़रूर लगाएँ। इससे स्किन में शाइन आएगी।
7) इस मौसम में दही को डेली डायट में शामिल करें।
8) लूज़ कपड़े पहनें। कॉटन के कपड़ों को प्राथमिकता दें।
9) दिन में 3-4 बार चेहरे को ठंडे पानी से धोएँ।
10) धूप में निकलने से पहले चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएँ।
11) बाहर निकल रही हैं, तो स्कार्फ लगाना न भूलें।
12) नहाने के पानी में गुलाबजल मिलाएँ।
13) अगर स्किन सम्बंधित कोई समस्या है, तो नहाने के पानी में नीम की पत्तियों को पानी में कुछ देर तक भिगोएँ। इसी परेशानी से नहाएँ।
14) अगर पसीना बहुत आता है, तो नहाने के पानी में नींबू की कुछ बूंदें डालें और फिर उससे नहाएँ। इससे सारा दिन शरीर से ख़ुशबू आती रहेगी।

आपको कैसे लगे गर्मी के दिनों में skin की खूबसूरती को बरकरार रखने के टिप्स, अगर अच्छे लगे हो तो लाइक, शेयर, ओर कमेंट करके ज़रूर बताइयेगा।
धन्यवाद। 

Sunday, 2 February 2020

कोरोना वायरस क्या है, इसके लक्षण ओर उपाय,....

         कोरोना वायरस क्या है, इसके लक्षण ओर उपाय,

कोरोना वायरस क्या है,
प्रतिक्रियात्मक चित्र-कोरोना वायरस फोटो
कोरोनावायरस (coronavirus) कई (विषाणु) प्रकारो का एक समूह है, जो स्तानधारियो ओर पक्षियो में रोग के कारक होते है। RNS वायरस होते हैं। मानवो में यह स्वास तंत्र संक्रमण के कारक होते हैं। यह गाय, सुअर ओर चमकदाड में यह अतिसार ओर मुर्गियो में यह ऊपरी स्वास तंत्र के रोगों के कारण बनती है। तथा इसकी रोकथाम के लिए कोई टिका या वायरसरोधी (antiviral) उपलब्ध नहीं हैं इसका बचाव ही इसका उपचार है।
चीन में कोरोना वायरस के कहर से मरने वालों की संख्या 200 से अधिक को पार कर गई है। इससे सम्बंधित निमोनिया के अब तक 8000 से अधिक पुष्ट मामले सामने आए हैं। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों से कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ (WHO) ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है

क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस (सीओवी) का सम्बंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसम्बर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।

कहां से फैलना शुरू हुआ कोरोना वायरस

यह वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ।इसके बाद इससे पीड़ित मरीज थाईलैंड,सिंगापूर, जापान में भी रहे हैं।हाल ही में इंग्लैंड में भी एक परिवार के वायरस की चपेट में आने की जानकारी सामने आई हैं।साथ ही कोरोना वायरस का असर अब भारत मे भी देखने को मिल रहा है।भारत के अंदर भी इसका असर हो रहा है साथ ही कई मरीज भी मिले हैं।

कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते है पालतू जानवर

पालतू जानवर कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।2011 के अध्ययन के अनुसार,बिल्लियो में संक्रामक पेरिटोनिटिस हो सकता हैं।एक पेन्ट्रोपिक कैनाइन कोरोना वायरस बिल्लियो ओर कुत्तों को संक्रमित कर सकता हैं जिसका असर फिर मानव पर पड़ना शुरू हो जाता है।

क्या हैं कोरोना वायरस के लक्षण?

  • कोरोना वायरस संक्रमण के फलस्वरुप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं।
  • यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। कोरोना वायरस इंसानो ओर जानवरों दोनो को संक्रमित कर सकता है।
  • कोरोना वायरस से निमोनिया, फेफड़ो में सूजन, होना।
  • कोरोना वायरस से बार-बार छीके आना, अस्थमा का बिगड़ना इसका प्रमुख लक्षण हैं।
  • यह वायरस दिसम्बर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।

क्या हैं कोरोना वायरस से बचाव के उपाय?

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। जो इस प्रकार है
  • हाथों को साबुन से धोना चाहिए।
  • अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है।
  • खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें।
  • जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें।
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
  • हमेशा मास्क पहन कर रहना चाहिए।
  • अपनी आँख, नाक और मुँह को कम से कम छुए था इनको ढक कर रखे।
  • हाथो को बार-बार अच्छे साबुन से धोएँ। 
अगर आपको कोरोना वायरस के कारण,लक्षण, ओर उपाय आपको कैसे लगे अगर अच्छे लगे हो तो लाइक,शेयर ओर अपने दोस्तों व परिवार वालो को जरूर बताये।
धन्यवाद

Tuesday, 21 January 2020

Best home remedies tips for viral fever.....

   Best home remedies tips for fever

Best home remedies tips for fever
 home remedies tips for fever
Regardless of weather, cold or heat fever is a common disease that occurs in every season, and it happens to every human being. Because fever is an infection caused by external infection entering our body, like - sudden change of weather, etc. are caused by fever. Fever is nothing but a process of the body, when any external infection enters our body, the body resists to protect itself from that infection. In this resistance, the body temperature rises greatly and this is what we call fever.

Symptoms of fever

  • Pain in joints and extremities,
  • Feeling nauseated,
  • Phlegm in the throat, feeling cold, feeling cold,
  • Laziness and lethargy in the body
  • Physical weakness
  • Feeling tired of doing a little work,
  • Many patients also have a headache in fever,
  • Irritability,
  • Feel like sitting in one place, etc. These are all normal signs of fever.

Due to fever

Most of the fever comes due to change of weather, it is due to weak immunity. People who will have strong immunity do not get fever easily, no matter what the weather is and people who have weak immunity, they get cold due to cold change only if the weather changes slightly. This is the reason. Tips for the domestic treatment of such fever - Eat 3-4 basil leaves on an empty stomach daily in the morning, this remedy will not cause fever for a lifetime.

Ayurvedic remedy for fever

Keep a bandage of cold water - If fever has increased, a cloth soaked in water should be placed on the head of the patient on the chest and on the feet. Soaking the cloth in a gap of half an hour and keeping it squeezed will keep the temperature under control.
Massage with garlic oilMix garlic in oil and heat it and massage it on the soles of the patients feet with this oil. If there is a cold, massage on the chest, throat, hands and brain too.
Long easiest remedy - This clove remedy is the easiest, if you have a normal fever then you must try it. Grind a clove finely and take it with light warm water, the fever is soon cured. You should do this experiment three to four times a day, take one clove each time. Do not go into the open air after using it and relax.
Do not drink cold water - drink lukewarm water throughout the day. Adding lemon or mossy juice, ginger juice, basil and mint juice, black salt and honey to the water will help.
Honey- Mix one teaspoon of honey in a glass of lukewarm water and take it daily in the morning. You can also add half teaspoon lemon juice to it. Honey has antibacterial, anti inflammatory and antioxidant-like properties, which are believed to be effective in treating fever. You can consume honey during fever in the manner described.
Ginger- Ginger can be used as a natural medicine for fever. Its antiviral and antibacterial elements help fight infection in the body and increase immunity. You can consume ginger as a medicine for fever.
Turmeric and milk- Take a glass of milk for fever, heat it lightly, then add a spoonful of turmeric to it and heat it properly, then filter it and give it to the patient, it gives relief in fever soon.

Preventing Fever-

  • Always wash your hands and teach your children as well. Especially before eating, after using the toilet, after spending time in the crowd, after going to an infected person, after touching animals and One must always wash his / her hands after travelling in public vehicles.
  • Always keep a hand sanitise with you. When you do not have soap and water available, you can use it.
  • Always avoid touching your nose, mouth or eyes, because these paths only cause viruses and bacteria to enter your body and cause infection.
  • Keep your mouth and nose covered while sneezing or coughing and ask your children to do the same. Whenever possible, stay away from others during sneezing and coughing so that they can avoid falling prey to this infection.
  • Avoid the patient from sharing cups, bottles of water and utensils with their children.
So tell me, how do you feel the domestic panacea of ​​fever symptoms, causes and remedies mentioned by friends, if you like it, then like it, share it and share it with your family and friends. .

Thank you.

Tuesday, 14 January 2020

सर्दी और गर्मी में होने वाले बुखार के जबरदस्त घरेलू उपाय......

बुखार के जबरदस्त घरेलू उपाय

बुखार के जबरदस्त घरेलू उपाय
बुखार के लक्षण ,कारण और उपाय
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मौसम भले ही सर्दी का हो या गर्मी का बुखार एक आम बीमारी हैं जो की हर मौसम में होने वाली बीमारी है ,और यह प्रत्येक मानव को होती रहती हैं. क्योंकि बुखार हमारे शरीर में बाहरी संक्रमण का प्रवेश कर जाने से होने वाला संक्रमण है जैसे - मौसम का अचानक बदलना आदि बुखार के कारण बनते हैं. बुखार और कुछ नहीं बल्कि शरीर की एक प्रक्रिया हैं, जब हमारे शरीर में कोई बाहरी संक्रमण प्रवेश कर जाता हैं तो शरीर उस संक्रमण से अपनी रक्षा करने के लिए प्रतिरोध करता हैं. इस प्रतिरोध में शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता हैं और इसी को हम बुखार आना कहते हैं.

बुखार आने के लक्षण

  • जोड़ों व हाथ पैरों में दर्द होना,
  • जी मिचलाना (घबराना),
  • गले में कफ बनना खराश होना, ठण्ड लगना, 
  • शरीर में आलस्य व सुस्ती आना,
  • शारीरिक कमजोरी आना, 
  • जरा सा काम करने पर थकान महसूस होना, 
  • कई रोगियों को बुखार में सिर का दर्द भी होता हैं, 
  • चिड़चिड़ापन आता हैं, 
एक जगह बैठने का मन करता हैं आदि यह सभी बुखार के सामान्य संकेत होते हैं.

बुखार आने के कारण

ज्यादातर बुखार मौसम के परिवर्तन के कारण आता हैं इसका कारण होता हैं कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी उन्हें आसानी से बुखार नहीं आता फिर चाहे मौसम कैसा ही हो और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती हैं उन्हें मौसम में जरा से परिवर्तन होने पर ही सर्दी जुकाम हो जाता हैं तो बार-बार बुखार आना इसी वजह से होता हैं. ऐसे बुखार के घरेलु इलाज के लिए नुस्खे – रोजाना सुबह खाली पेट -3-4 तुलसी के पत्ते खाये रोजाना इस उपाय को करने से जीवन भर बुखार नहीं आएगा.

बुखार के आयुर्वेदिक उपाय

  • ठन्डे पानी की पट्टी रखे- यदि बुखार बढ़ गया हो तो एक कपड़े को पानी में भिगो के मरीज़ के सर पर छाती पर और पैरो पर रखना चाहिए। आधे-आधे घंटे के अंतर में कपड़े को भिगोकर निचोड़ के रखते रहिये तो टेम्परेचर नियंत्रण में रहेगा।
  • लहसुन के तेल से मालिश करे- लहसुन को तेल में मिलाकर गर्म करे और इस तेल से मरीज़ के पैरो के तलवे पर मालिश करे। अगर जुखाम है तो छाती पर, गले पर, हाथो पर और मस्तिष्क पर भी मालिश करे।
  • लोंग सबसे आसान उपाय-यह लौंग का उपाय सबसे आसान हैं, अगर आपको सामान्य बुखार हैं तो आप इसे जरूर आजमाए. एक लौंग अच्छे से बारीक़-बारीक़ पीसकर हलके गर्म पानी के साथ लेने से बुखार जल्द ही ठीक हो जाता हैं. इस प्रयोग को आप दिन में तीन से चार बार करे, हर बार एक-एक लौंग लें. इसका प्रयोग करने के बाद खुली हवा में न जाए व आराम करे.
  • ठंडा पानी न पिए- दिनभर हल्का गुनगुना पानी मरीज़ को पिलाये।  पानी में निम्बू या मोसमी रस, अदरक का रस, तुलसी और पुदीने का रस, काला नमक और शहद डाले तो और फायदा होगा।
  • शहद- एक गिलास हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर रोज सुबह लें। आप इसमें आधा चम्मच नींबू का रस भी मिला सकते हैं। शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बुखार का इलाज करने के लिए कारगर माने जाते हैं। ज्वर के दौरान आप शहद का सेवन बताए गए तरीके से कर सकते हैं।
  • अदरक- बुखार के लिए अदरक का इस्तेमाल एक प्राकृतिक औषधि के रूप में किया जा सकता है। इसके एंटीवायरल और जीवाणुरोधी तत्व शरीर में संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। बुखार की दवा के रूप में आप अदरक का सेवन कर सकते हैं।
  • हल्दी और दूध- बुखार के लिए एक ग्लास दूध का ले उसको हल्का गर्म करें ,फिर उसमें एक चम्मच हल्दी की डालकर उसको अछि तरह से गर्म करे,फिर उसको छानकर मरीज को दे,इससे बहुत ही जल्द बुखार में आराम मिलता है।

बुखार रोकने के बचाव-

  • हमेशा अपने हाथों को धोकर रखे और साथ ही अपने बच्चों को भी सिखाएं।ऐसा खासतौर पर खाने से पहले,शौचालय का उपयोग करने बाद,भीड़ में समय बिताने के बाद,किसी संक्रमित व्यक्ति के पास जाने के बाद,जानवरो को छूने के बाद और सार्वजनिक वाहनों में यात्रा के बाद हमेशा अपने को अपने हाथ अवश्य धो लेना चाहिए।
  • हमेशा हैंड सेनेटाइजर अपने पास रखे।जब आपके पास साबुन और पानी उपलब्ध न हो तो इसका इस्तेमाल कर सकते है।
  • हमेशा अपनी नाक,मुँह या आँखों को छुने से बचें, क्योंकि इन रास्तों से ही वायरस ओर बैक्टेरिया आपके शरीर के प्रवेश करते ह ओर संक्रमण का कारण बनते है।
  • छींकते या खाँसते समय अपने मुँह और नाक को ढककर रखे और अपने बच्चों को भी ऐसा करने को कहे।जब भी संभव हो, छिकने ओर खाँसने के दौरान दुसरो से दूर रहे,ताकि वे इस संक्रमण का शिकार होने बच सके।
  • मरीज से अपने बच्चों के साथ कप,पानी की बोतले ओर बर्तनो का साझा करने से बचाये।
तो बताइए दोस्तो में द्वारा बताए गए बुखार के लक्षण ,कारण और उपायो का घरेलू रामबाण उपाय आपको कैसे लगे ,अगर अच्छे लगे हो तो लाइक,शेयर ओर कमेंट करके जरूर बताएं,साथ ही इस जानकारी को अपने परिवार और मित्रो के साथ अवश्य शेयर करे।
धन्यवाद



Saturday, 7 December 2019

Benefits of meditation and how to cure diseases through meditation....

How to cure diseases through meditation


How to treat diseases through meditation
Meditation picture

In today's time, every person wants to be healthy and a healthy person is one who is physically relaxed, mentally alert, conscious, emotionally calm and spiritually alert. Because to be perfectly healthy, the mental and emotional aspect is as important as the physical side. Like every person has become so busy working in their daily life, that he has started worrying about his own health. Because he does not get enough time to take care of his body on time. And at the same time, he gets caught with many diseases, and he starts to remain unwell, meaning many diseases start dominating him. Therefore, for the treatment of these diseases, people use many types of medicines. Let's use, which proves to be very dangerous for our body, so today we will treat you with any medicine without any medicine, through meditation, which is a panacea for body diseases. Is like It is integral to the treatment of a disease and plays an important role in achieving all aspects of overall health. It is possible to treat many types of diseases through meditation. Let's know in detail how -

What is meditation

Meditation is also called another name Meditation. Meaningless meditation is that action which is to learn to give direction to thoughts and help to control the functioning of mind and body is called meditation. And if we say in general language, meditation is the practise through which a person makes his brain better by training him. There are some special benefits from it. Some people also call it spiritual exercise, which includes awareness, concentration and alertness.

How to treat diseases by meditation 

Meditation is not limited to any education, religion or sect. There are many easy ways to meditate, which can be easily adopted. But keep in mind that the greatest effort to achieve this is to keep the mind and all the senses under control. Due to this, it is also believed that most diseases are related to mind and behaviour.
Meditation reduces the level of chemicals that increase anxiety and stress. Also reduces negative emotions such as fear, aggression and anger. It gives clarity to the mind and provides emotional balance and physical flexibility. This actually initiates an important part towards good health, that is, self-healing.

Mental health through meditation

Our brain is often burdened with work. Today's life is full of difficulties and confusion. Today, everyone has a lot of work to do, but lacks only time. Some of us do such work, where excessive time and responsibility is required. People often get irritable and angry due to work load. They behave somewhat strangely apart from their original personality, sometimes even with their loved ones.
With the help of meditation we can maintain our mental balance even in difficult situations, emerging from mental pressure. Researchers researching brain activity found that in situations of mental pressure, our brain is acting on mental waves of 13–20 Hz, regardless of whether or not there is a workload.
At the same time, the brain waves during meditation have been measured at 5-8 Hz, which can also be called a "Mahavishram" condition. Through this "Mahavishram" the brain experiences peace, due to which the body is also calm. Meditation improves our mood and allows us to do all our work in a more effective and peaceful way.

Emotional benefits of meditation

People often seek help from doctors, psychologists, psychiatrists and others in emotional distress. Meditation acts as a supplement in this situation. Through meditation, we get to know ourselves better by focusing inside ourselves. We get to know the exact cause of our emotional troubles and become better able to overcome them.

Spiritual benefits of meditation

With the help of meditation, we get connected to the light and Sharity of the God within us, get in touch with the source of God love and experience ecstasy. Meditation develops our self-knowledge and self-consciousness, we get to know what is the reason of our circumstances and in which field we need to do improvement work on ourselves.

Right way to meditate

First of all, we should go to a clean and secluded place where there is a circulation of pure air, so that we do not face any problem while doing meditation.
While doing meditation, one should sit in a yoga posture so that we can focus all our attention in one place, if you cannot concentrate, then you light a lamp in front of you and keep looking like it continuously, so that your attention Will be able to be focused.
Initially, you will feel a little strange in the process of meditation, but after you get used to it, after that your ability to concentrate will also increase.
You can also recite the mantra of one of your East Gods with your eyes closed during meditation, this is also a very good way to concentrate.

Let us know which disorders are useful in meditation 

  • When the mind is disturbed, it makes its idle parts use able.
  • Meditation is a process to refine the capacity of experience.
  • If you have a habit of forgetting, meditation is very useful for you.
  • Meditation is effective in calming the minds of the angry people.
  • Those not taking the decision can also include it in their life.
  • You can also include it in your life for the prevention of heart disease.
  • Controlling the versatility of man also contributes greatly.
  • It has an important role in making long life.
  • Special contribution is made in peace, strength, satisfaction, scholarship and fulfilling all needs.
So tell me how you feel about Meditation and the remedies for diseases related to it, if you like it, then please like, share, and comment. Also share this information with your family, friends. do.
Thank you.

Thursday, 5 December 2019

मेडिटेशन/ध्यान : क्या होता है, कैसे करते है,और इनके क्या क्या लाभ हैं, इनके बारे में विस्तार से जाने.....

मेडिटेशन/ध्यान के माध्यम से रोगों का इलाज कैसे करें

मेडिटेशन/ध्यान के माध्यम से रोगों का इलाज कैसे करें
प्रतिक्रियात्मक चित्र-मेडीटेशन क्रिया
आजकल के समय मे हर इंसान स्वस्थ रहना चाहता है और स्वस्थ इंसान वह जो शारीरिक रूप से रिलैक्स, मानसिक तौर पर अलर्ट अर्थात सचेत, भावानात्मक तौर पर शांत व आध्यत्मिक तौर पर सजग है। क्योंकि पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने के लिए मानसिक और भावानात्मक पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना कि शारीरिक पक्ष। जैसे कि हर इंसान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में काम करते करते इतना व्यस्त हो गया है, की उसे अपने ही सवास्थ्य को लेकर चिंता होने लग गयी है।क्योंकि उसे उतना समय ही नही मिल पाता है कि वो अपने शरीर की देखरेख समय पर कर सके।और साथ ही वह अनेक बीमारियों से जकड़ जाता है, ओर वह अस्वस्थ रहने लग जाता है अथार्थ उसके उपर अनेक रोग हावी होने लग जाते हैं।अतः इन रोगों के उपचार के लिए लोग अनेक प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, जो कि हमारे शरीर के लिए बेहद ही खतरनाक साबित होती है ,इसलिए आज हम आपको इन रोगों का उपचार बिना किसी दवा से, करने के लिए हम मैडिटेशन / ध्यान के माध्य्म से करेंगे जो शरीर के रोगों के लिए रामबाण की तरह होता है। यह किसी बीमारी के उपचार का अभिन्न होता है और संपूर्ण स्वास्थ्य के सभी पहलुओं को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेडिटेशन/ध्यान के माध्यम से कई प्रकार के रोगों का इलाज संभव है। चलिये विस्तार से जानें कैसे -

क्या है मेडीटेशन

मैडिटेशन का दूसरा नाम ध्यान लगाना भी होता है अथार्थ ध्यान वह क्रिया है जो विचारों को दिशा देना सीखना और दिमाग व शरीर की कार्य प्रणाली को नियंत्रित करने में मदद करना ही मेडिटेशन कहलाता है। और यदि सामान्य भाषा में कहें तो मेडिटेशन वह अभ्यास है जिसके माध्यम से कोई इंसान अपने दिमाग को प्रशिक्षित कर बेहतर बनाता है। इससे कुछ खास तरह के लाभ होते हैं। कुछ लोग इसे आध्यात्मिक व्यायाम भी कहते हैं, जिसके अंतर्गत जागरुकता, एकाग्रता और सतर्कता आदि आते हैं।

कैसे होता है मेडिटेशन/ध्यान से रोगों का इलाज

मेडिटेशन किसी शिक्षा, धर्म या संप्रदाय तक सिमटा हुआ नहीं है। ध्यान करने के कई आसान से उपाय हैं, जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि इसे प्राप्त करने की सबसे बड़ी कोशिश दिमाग और सभी इंद्रियों का नियंत्रण में रखने की होती है। इसी के चलते ये माना भी गया है कि अधिकांश बीमारियों का संबंध दिमाग और व्यवहार से होता है। 
मेडिटेशन एंग्जाइटी और तनाव को बढ़ाने वाले रसायनों के स्तर को कम करता है। साथ ही नकारात्मक भावनाओं जैसे डर, आक्रामकता और गुस्से, को भी कम करता है। यह दिमाग को स्पष्टता देता है और भावनात्मक संतुलन और शारीरिक लचीलापन प्रदान करता है। यह दरअसल अच्छे स्वास्थ्य की दिशा में किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिस्सा अर्थात सेल्फ-हीलिंग का आरंभ करता है।

मेडीटेशन द्वारा मानसिक सेहत


हमारा मस्तिष्क अकसर काम से बोझिल रहता है। आज का जीवन बहुत कठिनाइयों व उलझन/तनाव भर चुका है। आज सभी के पास करने को बहुत से काम हैं, लेकिन अभाव है तो केवल समय का। हम में से कुछ लोग ऐसा काम करते हैं, जहां अत्यधिक समय व जिम्मेदारी की आवश्यकता रहती है। काम के बोझ के कारण अकसर लोग चिड़चिड़े व क्रोधित हो जाते हैं। वे अपने मौलिक व्यक्तित्व से अलग कुछ अजीब सा व्यवहार कर बैठते हैं, कई बार तो अपने प्रियजनों के साथ भी। 

मेडिटेशन की मदद से हम मानसिक दबाव से उभरकर, मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन कायम रख सकते हैं। मस्तिष्क की गतिविधियों का शोध करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया कि मानसिक दबाव की परिस्थियों में हमारा मस्तिष्क 13-20 हर्ट्ज की मानसिक तरंगों पर काम कर रहा होता है, भले ही कार्य का बोझ हो,या ना हो।

वहीं मेडिटेशन के दौरान मस्तिष्क की तरंगें 5-8 हर्ट्ज मापी गई हैं, जिसे की एक, ‘‘महाविश्राम’’ की स्थिति भी कहा जा सकता है। इस ‘‘महाविश्राम’’ द्वारा मस्तिष्क को शांति का अनुभव होता है, जिस कारण शरीर भी शांत होता है। मेडिटेशन द्वारा हमारी मनोस्थिति बेहतर होती है व अपेक्षाकृत अधिक प्रभावशाली व शांतिपूर्ण तरीके से हम अपने सभी कार्य सम्पन्न कर पाते हैं।

मेडिटेशन के भावनात्मक लाभ

भावनात्मक पीड़ा की स्थिति में अकसर लोग डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक, साईकेट्रिस्ट व ऐसे ही कुछ अन्य लोगों की मदद लेते हैं। मेडिटेशन इस स्थिति में एक परिपूरक की तरह काम करता है। मेडिटेशन द्वारा ध्यान अपने अंदर केंद्रित कर हम अपने आप को बेहतर जान पाते हैं। हम अपनी भावनात्मक तकलीफों का सही कारण जान पाते हैं और उनके निवारण हेतु बेहतर तरह से सक्षम बनते हैं।

मेडिटेशन के आध्यात्मिक लाभ

मेडिटेशन की मदद से हम हमारे भीतर मौजूद प्रभु की ज्योति व श्रुति से जुड़ जाते हैं, प्रभु प्रेम के स्त्रोत से संपर्क साध लेते हैं व परमानंद का अनुभव करते हैं। मेडिटेशन द्वारा हमारे आत्मज्ञान व आत्मचेतना का विकास होता है, हम जान पाते हैं कि हमारी परिस्थितियों का कारण क्या है व किस क्षेत्र में हमें अपने ऊपर सुधार कार्य करने की जरूरत है।

मेडिटेशन करने का सही तरीका


सबसे पहले हमें एक स्वच्छ ओर एकांत जगह पर जाना चाहिए ,जहा पर शुद्ध वायु का संचार हो।जिससे कि हमे मैडिटेशन करने के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।
मेडिटेशन करने के दौरान योग मुद्रा में बैठना चाहिए,जिससे कि हम अपना सारा ध्यान एक ही जगह केंद्रित कर सके,अगर आपका ध्यान केंद्रित नही हो पाता है तो आप अपने सामने एक दीपक जला ले और लगातार उसकी ही तरह देखते रहे ,जिससे आपका ध्यान केंद्रित हो पायेगा।
मेडिटेशन की क्रिया शुरू में आपको थोड़ी अजीब लगेगी परन्तु जब आपको इसकी आदत हो जाएगी उसके बाद आपकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी बढ़ने लगे जाएगी।
मेडिटेशन क्रिया के दौरान आप आंखे बंद करके अपने किसी ईस्ट देवता के मंत्र का भी इस्मरण कर सकते हैं, यह भी ध्यान को केंद्रित करने का बहुत ही अच्छा तरीका का है।

आइये जाने किन किन विकारो में उपयोगी है मेडिटेशन/ध्यान

  • मन अशांत रहने पर उसके निष्क्रीय पड़े हुए भागों को उपयोग में लाने योग्य बनाता है।
  • अनुभव की क्षमता को सूक्ष्म करने की एक प्रिक्रिया है ध्यान।
  • यदि आपको भूलने की आदत है तो ध्यान आपके लिए बहुत ही उपयोगी हैं।
  • गुस्सेल परवर्ती के लोगो का मन शांत करने में कारगर है मैडिटेशन।
  • निर्णय न ले पाने वाले भी इसे अपनी जिंदगी में शामिल कर सकते हैं।
  • हर्दय रोग की रोकथाम के लिए भी इसे अपनी जिंदगी में शामिल कर सकते हैं।
  • मैन की चंचलता को नियंत्रित करने में भी बहुत योगदान होता है।
  • दिर्घायु बनाने में इसका अहम योगदान होता हैं।
  • शांति,सामर्थ्य,संतोष,विद्वत्ता ओर सभी आवश्यकताओं को पूरा करने में विशेष योगदान रहता हैं।


तो बताइए मेरे द्वारा मेडीटेशन/ध्यान की करने की विधि ओर उससे होने वाले रोगों के उपाय आपको कैसे लगे , अगर अच्छे लगे हो तो लाइक,शेयर,ओर कमेंट करके जरूर बताइये।साथ ही इस जानकारी को अपनी परिवार,मित्रो के साथ जरूर शेयर करे।

धन्यवाद




Wednesday, 27 November 2019

सर्दी में तैलीय त्वचा की खूबसूरती बनाये रखने के घरेलू टिप्स..........

सर्दी में तैलीय त्वचा की देखभाल करने के लिए घरेलू टिप्स

सर्दी में तैलीय त्वचा की देखभाल करने के लिए घरेलू टिप्स
प्रतिक्रियात्मक चित्र-सर्दी के समय तेलीय त्वचा का
आजकल का मौसम सर्दियों का होने लगा है, जैसे जैसे सर्दियां ओर अधिक बढ़ती जाती हैं, वैसे वैसे हमारी त्वचा की परेशानिया बढ़ती जाती है, हर किसी के समज नही आता कि सर्दी में त्वचा की देखरेख कैसे करे।क्योंकि सेहतमंद त्वचा खूबसूरती का सबसे अनमोल तोहफा है, लेकिन इस सर्दी का क्या करें, जो त्वचा की खूबसूरती को छीन लेती है। पर इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि आप अपनी त्वचा के प्रति लापरवाह हो जाएं,अब सभी की त्वचा एक जैसे नही होती है किसी की त्वचा तैलीय तो किसी की शुष्क ओर किसी की नाही शुष्क ओर नाही तेलीय, बीच की होती है, तो ज्यादा समस्या या तो अधिक तेलिययुक्त वाली में या फिर शुष्क वाली में आती हैं। बीच वाली में इतनी नही होती है, तो आज हम सर्दी के दिनों में तेलिययुक्त त्वचा की देखभाल के लिए कुछ घरेलू उपाय लेकर आये है,जिनको अपनाने से त्वचा की खूबसूरती बरकरार रहेगी,जो निम्न है-

नींबू का रस-

निम्बू का रस,निम्बू का प्रयोग ऑयली स्किन को हटाने के लिए
प्रतिक्रियात्मक चित्र-निम्बू 
नींबू का उपयोग न केवल तैलीय त्वचा के उपचार के लिए किया जाएगा, बल्कि यह आपके चेहरे और त्वचा को भी तरोताजा कर देगा।
नींबू का रस साइट्रिक एसिड का एक अच्छा स्रोत है जो एक कसैले की तरह काम करता है।इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं जो त्वचा के रोमछिद्रों को हल्का कर सकते हैं और त्वचा के ph संतुलन को बनाये रख सकते हैं।
एक चम्मच ताजे नींबू के रस में आधा चम्मच डिस्टिल्ड वाटर/सादा पानी मिलाएं।रुई से इसे अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर अपने चेहरे को गर्म पानी से धो लें।
नींबू का रस आपकी त्वचा को शुष्क कर सकता है, इसलिए बाद में कुछ तेल मुक्त मॉइस्चराइज़र लागू करें। इसे रोजाना एक बार करें।

एक चम्मच नींबू का रस, एक-आधा चम्मच शहद और एक बड़ा चम्मच दूध मिलाएं।इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और इसे 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें, इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।यदि एक बार दैनिक रूप से किया जाता है, तो यह उपाय आपको एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक परिणाम देगा।

दही-

शुद्ध दही,शुद्ध दही का प्रयोग तेलीय त्वचा को हटाने के लिए
प्रतिक्रियात्मक चित्र-दही
दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को धीरे से बाहर निकालने में मदद करता है और चेहरे से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करता है।
सादे दही का एक बड़ा चम्मच अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर इसे ठंडे पानी से धो ले। इसे रोजाना एक बार करें।
वैकल्पिक रूप से, जैविक दही और बारीक जौ दलिया का एक बड़ा चम्मच मिलाएं।फिर एक चम्मच गर्म शहद में घोलें। अपने चेहरे पर मिश्रण को लगाए। इसे 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गर्म पानी से धो ले ।आपका चेहरा चमकता हुआ नजर आएगा।

टमाटर-

टमाटर रस,टमाटर का प्रयोग तेलीय त्वचा को हटाने के लिए
प्रतिक्रियात्मक चित्र-टमाटर
तैलीय त्वचा के लिए टमाटर उनके शीतल, स्पष्ट और कसैले गुणों के लिए जाना जाता है।टमाटर में उच्च विटामिन C पाया जाता है,जो मुँहासो वाली त्वचा  के लिए भी बहुत सहायक है।इसके अलावा, टमाटर में प्राकृतिक तेल को अवशोषित करने वाले एसिड अतिरिक्त तेल से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। एक टमाटर काटें और इसे अपनी त्वचा पर रगड़ें।
रस को अपनी त्वचा में कम से कम 15 मिनट के लिए भिगोने दें।
अपनी त्वचा को ठंडे पानी से धो ले फिर इसे सुखाएं और हल्का तेल रहित मॉइस्चराइज़र लगाएं।
नोट: -आप एक चम्मच शहद के साथ तीन बड़े चम्मच टमाटर का रस मिलाकर फेस मास्क भी बना सकते हैं।

सेब-

सेब रस,सेव रस का प्रयोग तेलीय त्वचा को हटाने के लिए
प्रतिक्रियात्मक चित्र-सेव
सेब एक बेहतरीन एक्सफोलिएटिंग एजेंट के रूप में काम करते हैं और उनके पास हल्के एंटीसेप्टिक, कसैले और सुखदायक गुण होते हैं जो उन्हें तैलीय त्वचा के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपचार बनाते हैं।
सेब में मैलिक एसिड मृत त्वचा कोशिकाओं को बाहर निकालने में मदद करता है और त्वचा की सतह से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करता है।
आधा सेब पीस लें और कतरे को अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए त्वचा पर छोड़ दें और फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें।
एक चम्मच सेब, दही और नींबू के रस में से एक चम्मच मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं।इसे पूरे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर अपने चेहरे को ठन्डे पानी से धो लें।

खीरा-

खीरा तेलीय त्वचा के कैसे काम करता है,ओर खीरे के क्या क्या उपयोग है।
प्रतिक्रियात्मक चित्र-खीरा
तैलीय त्वचा के लिए खीरे उनके शीतलन, कसैले और सुखदायक गुणों के कारण भी बहुत फायदेमंद होते हैं।
इसके अलावा, विटामिन A और E, मैग्नीशियम और पोटेशियम सहित उच्च विटामिन और खनिज सामग्री, तैलीय त्वचा के लिए अच्छे हैं।
एक ताजा जैविक ककड़ी को मोटी स्लाइस में काटें, और उन्हें अच्छी तरह से अपने चेहरे पर रगड़ें।
इसे रात भर छोड़ दें और सुबह गर्म पानी से धो ले । बिस्तर पर जाने से पहले रोजाना ऐसा करें।
वैकल्पिक रूप से, खीरे के रस और नींबू के रस में से प्रत्येक में आधा-आधा चम्मच मिलाएं।
इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं, सूखने दें और फिर इसे गर्म पानी से धो लें।
ऐसा रोजाना करें। इस उपाय का उपयोग झाई को हल्का करने और सनबर्न को कम करने के लिए भी किया जा सकता है।

मिट्टी का मास्क-

मिट्टी का मास्क,मिट्टी का मास्क का प्रयोग तेलीय त्वचा हो हटाने के लिए
प्रतिक्रियात्मक चित्र-मिट्टी का मास्क
चेहरे पर लगाए जाने वाली विशेष रूप से मिट्टी के मस्सों को मास्क करने से तेलीयता कम करने में मदद मिलेगी।
मिट्टी का घोल छिद्रों को कसने में मदद करता है और इस प्रकार त्वचा में तैलीयता को नियंत्रित करने के लिए इसे मृत कोशिकाओं, बासी मेकअप, गंदगी आदि से साफ करके इसे साफ करता है।
मुल्तानी  मिट्टी के 3 बड़े चम्मच लें और इसे ठीक पेस्ट बनाने के लिए पर्याप्त पानी या गुलाब जल मिलाये।
इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और इसे लगभग 20 मिनट तक छोड़ देंइसे अच्छी तरह से और पूरी तरह से पानी से धो ले।इससे
तैलीय त्वचा से छुटकारा पाने के लिए इस उपाय को नियमित रूप से सप्ताह में एक बार जरूर करे।

सिरका-


सिरका या तो सफेद या सेब साइडर आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट करने का एक शानदार तरीका है और आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाता है।
यह तैलीय त्वचा को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है। यह उन हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है जो तैलीय त्वचा के कारण भी होते हैं।
छोटी मात्रा में सिरका और एक छोटा रुई का टुकड़ा ले,
इस रुई को सिरके के घोल में डुबोएं और सोने से पहले इसे अपने चेहरे पर लगाएं
इसे लगभग 5 - 10 मिनट तक रहने दें और इसे ठंडे पानी से धो लें।
परिणाम और सुधार देखने के लिए इसे लगभग 3 सप्ताह तक दोहराएं।
गर्मियों में, आप सिरका को ठंडा करके इसका इलाज कर सकते हैं या इसे बर्फ के टुकड़ों में फ्रीज कर सकते हैं और जल्द ही समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसे ठंडा कर सकते हैं।

नमक-

नमक समुद्र द्वारा दिया गया एक प्राकृतिक उपहार है। यह desiccant के रूप में कार्य करता है और यह तेलीयता को दूर करता है और इससे आपकी त्वचा शुष्क होती हैं।एक खाली स्प्रे बोतल लें और इसे सादा पानी से भरें
फिर इसमें एक चम्मच नमक डालें और अच्छे से हिलाएं।
अब अपनी आँखें बंद करें और इस नमक के घोल को अपने चेहरे पर छिड़कें ।आप महसूस कर सकते हैं कि आपके पास तेल मुक्त चेहरा है
तैलीय त्वचा से छुटकारा पाने के लिए इस प्रक्रिया को दिन में एक बार नियमित रूप से करें।लगातार करने के बाद जल्द ही आपकी त्वचा को तैलीयपन से छुटकारा मिल जाएगा ।

सफेद अंडे-

White egg pic,white egg image for oily skin
प्रतिक्रियात्मक-सफेद अंडा
अंडे में भरपूर मात्रा में विटामिन A पाया जाता है, तथा अंडे का सफेद प्रभावी रूप से त्वचा blemishes के रूप में अच्छी तरह से टोन करता है और त्वचा को अच्छी तरह  बाहर से शुष्क कर देता है।
एक अंडे का सफेद भाग कड़ा होने तक और इसे अपनी त्वचा पर फैलाएं। इसे सूखने दें और फिर इसे गर्म पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें।
एक अंडे का सफेद भाग ले और उसमें आधे नींबू का रस डालें और इसे अच्छी तरह मिलाएं। अपने चेहरे पर मिश्रण को लगाये। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
और फिर इसे गर्म पानी से धो ले। यह त्वचा को कस देगा और अतिरिक्त तेल को सोख लेगा।जिससे आपकी त्वचा में निखार आने लगेगा।
तो बताइए दोस्तो सर्दी के अंदर तैलीय त्वचा से छुटकारा पाने वाले घरेलू उपाय आपको कैसे लगे ,अगर अच्छे लगे हो तो लाइक ,शेयर और कॉमेंट करके जरूर बताएं,ओर साथ ही इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ जरूर शेयर करे।

धन्यवाद।