अगर आप फलो का इस प्रकार उपयोग करोगे तो आप कभी भी बीमार नही हो सकते.........

फलो का सही तरीके से उपयोग

विभिन्न फलो का उपयोग


दोस्तो मैं हु बजरंग आपका दोस्त जो आज विभिन्न फलो के बारे मे बहुत ही अछि जानकारी ,फलो का सेवन कैसे करे ,ओर साथ ही कोनसे फल खाने से कोनसी बीमारी ठीक होती ह ओर उनसे होंने वाले विभिन्न लाभों के बारे मे विस्तार  से समजे :-  

1.कीवी 



कीवी फल की गिनती एक पौष्टिक फलों में की जाती है। मानव शरीर की जो आवश्यकता है कीवी फल में वे सभी पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं इसलिए कहा जाता है कि कीवी खाने के फायदे बहुत हैं। इसका सेवन शरीर को कई रोगों से निजात दिलाने में सहायता करता है। भूरे रंग के छिलके वाला कीवी भीतर से मुलायम और हरे रंग की होता है।
इसके भीतर काले रंग के छोटे-छोटे बीज भी मौजूद होते हैं। यह बाहर से दिखने में चीकू की तरह होते हैं। कीवी दिखने में भी और अपने पोषक गुणों की वजह से बाकी फलों से बहुत अलग हैं। ऐसा माना जाता है कि विटामिन सी से भरपूर कीवी फल को रोजाना खाने से व्यक्ति की आयु लंबी होती है।

कीवी खाने के फायदे

संक्रमण से करे हमारी सुरक्षा:-

आहार के साथ मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स लंबे समय तक पूरक आहार के रूप में लिए जाते रहें, तो इससे धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है। विटामिन सी से भरपूर कीवी में पर्याप्त एंटी-ऑक्सीडेंट  पाए जाते है। जो कई तरह के संक्रमण से हमारी सुरक्षा करते हैं।


सूजन कम करने में मददगार:-

इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर कीवी सूजन के लिए मददगार है। बॉडी में सूजन का सामना कभी न कभी हर किसी को करना पड़ जाता है। ऐसे में शरीर के अंदरुनी घावों  को भरने और सूजन को कम करने में कीवी मदद करता है। इसके अलावा आपको अर्थराइटिस की शिकायत है तो कीवी का नियमित सेवन करना आपके लिए गुणकारी रहेगा।


कोलेस्ट्रॉल के स्तर को करे कम:-

यदि खून में कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बिगड़ने लगे तो रोग होने का खतरा होने लगता है। कीवी फल कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार है। इसके रोजाना सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल  की मात्रा घटती है और गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है। इसके अला कीवी के सेवन से दिल से जुड़ी कई बीमारियों में फायदा मिलता है। इस फल को डायबिटीज के रोगियों को भी सेवन करना चाहिए।


विटामिन सी का स्रोत :-

विटामिन सी का स्रोत केवल संतरा और नींबू नहीं है बल्कि कीवी फल भी विटामिन सी  का अच्छा स्रोत माना जाता है। आपको बता दें कि कीवी के 100 ग्राम में 154 प्रतिशत विटमिन सी मौजूद होता है जोकि नींबू और संतरे में मौजूद विटमिन सी की मात्रा से लगभग दोगुना होता है।


कब्ज से मिलती है राहत :-

कब्ज आजकल की तेजी से दौड़ती जीवनशैली की सबसे आम बीमारियों  में से एक हैं जिसका कई बार लोग ध्यान देना नहीं चाहते। फाइबर से भरपूर कीवी का नियमित सेवन से कब्ज की समस्या में लाभ मिलता है। फाइबर की मौजूदगी से पाचन शक्ति  भी मजबूत होती है, कीवी खाने के फायदे में हमे यह लाभ भी मिलता है।


नींद की समस्या को करे दूर:-

लगातार प्रयास के बाद यदि आपको अच्छी नींद नहीं आ रही है, तो आप कीवी का सेवन कीजिए आपको फायदा होगा। इसका सेवन करने से न केवल शरीर में खून की कमी पूरी होती है बल्कि अच्छी नींद के लिए भी यह सही मानी जाती है।
हृदय रोगों से राहत देने का काम करने वाला कीवी फल का नियमित सेवन से ब्लड शुगर  कम हो जाता है। इसके अलावा इससे थकान से भी छुटकारा मिलता है और प्रतिरक्षा प्रणाली भी बढ़ती है।

2.केला 





केला खाने का सही समय और इसके फायदे

केले  में थाइमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन और फॉलिक एसिड  के रूप में विटामिन ए और विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। इसके अलावा केला ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। सुबह नाश्ते में यदि एक केला खा लिया जाए तो लंच तक भूख लगने की संभावना नहीं रहती। अगर आप खेल से जुड़े हुए हैं, तो आप केला डाइट में जरूर शामिल करें। वर्कआउट करने के बाद आपकी बॉडी में एनर्जी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में केला ही ऐसा फल है, जो आपकी बॉडी एनर्जी को फिर से लौटाता है
केले को लेकर यह ख्याल सब के मन में आता है – केले को पका कर खाना चाहिए या बिना पके ? 
कई लोग सोचते है के हरा केला (बिना पका हुआ )खाना चहिये , कुछ लोगो का मानना है पीले रंग का केला (पका हुआ केला ) खाना चहिये और कुछ कहते है काले रंग के धब्बों  वाला केला सेहत  के लिए अच्छा होता है | लेकिन सवाल यह है इन में से कौनसा केला खाना हमारे स्वस्थ के लिए लाभदयक है |
बेशक पका हुआ केला खाना ही हमारे सेहत के लिए अच्छा है | विशेषज्ञों का कहना है जब केले पर पकने के बाद काले धब्बे  आने लगते है वो समय केला खाने का सही समय होता है | काले धब्बों वाले केले में कई गुण पाए जाते है जो हमारे शरीर के लिए अच्छे होते है जैसे के :- विटामिन C , विटामिन B और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है
पके हुए केले में एंटी- कैंसर गुण  भी पाए जाते है |जो आपके शरीर के अंगों के लिए महत्वपूर्ण है | कई लोगों का मानना  है के बिना पका केला खाना सेहत के लिए अच्छा है | यह मानना भी गलत नहीं होगा के कचे केले में भी कई गुण होते है | लेकिन कचा केला पचाने  में थोडा कठिन होता है इससे आपके पेट में सुजन हो सकती है | कचे केले में low सुगर  गुण पाए जाते है |अगर आपको सुगर है तो कचा केले खाना आपके लिए गलत नहीं होगा |

3.अंगूर




अंगूर जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता हैं, आज हम आपको बताएँगे के इस रसीले फल को खाने के क्या क्या फायदे हैं। शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट और प्रो ऑक्सीडेंट  दोनों पाये जाते हैं। यदि प्रो ऑक्सीडेंट ज़्यादा हो तो हृदय रोगों और कैंसर  व् अन्य घातक बिमारियों के जल्दी होने की सम्भावना बढ़ जाती है। लाल काले अंगूरों में एंटी ऑक्सीडेंट की संख्या अधिक होती है। इसलिए गहरे काले अंगूरों  के खाने से कैंसर व् हृदय रोग कम होते हैं।

आइये जानते हैं इसके और महत्वपूर्ण उपयोग-

अंगूर में कैलोरी, फाइबर  के साथ-साथ विटामिन सी,  ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अंगूर प्राकृति का एैसा फल है जिसमें हर तरह के उत्तम गुण हैं जो सेहत और उम्र को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इस लेख के माध्यम से आपको अंगूर में छिपे सेहत  के राज के बारे में बताया जाएगा जो कई रोगों को दूर करने में आपकी मदद करेगें।

अंगूर में ग्लूकोज, मेग्नीशियम और साइट्रिक आदि जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अंगूर कई रोगों में लाभ देता है जैसे टी बी, कैंसर, रक्त विकार और पायरिया जैसे रोगों का अंत करने में लाभदायक है। साथ ही अंगूर का प्रयोग बच्चे, युवा, कमजोर और गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदा करता है।

#  जिन लोगों को डायबिटीज  है उनके लिए अंगूर सेवन करना हितकारी है। अंगूर शूगर  की मात्रा को कम करता है। खून में मौजूद   शूगर को नियंत्रित करने में अंगूर अहम भूमिका निभाता है।

 अंगूर खून की कमी और आयरन की कमी को दूर करता है।
जिन लोगों को माइग्रेन  की समस्या है वे सुबह उठकर अंगूर का रस पीयें। एैसा कुछ दिनों तक करने से माइग्रेन की समस्या से   निजात मिल सकता है।

हाल ही में हुए नये शोध में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में अंगूर सेवन एक कारगर उपाय है। साथ ही हार्ट अटेक  के रोग से बचने के लिए काले अंगूर का जूस पीने से लाभ मिलता है। काले अंगूर का रस खून के थक्कों को बनने से रोक देता है।

# अंगूर का रस पीने से दिल  में हो रहे दर्द में आराम मिलता है।

# कब्ज  को खत्म करने के लिए काली मिर्च   और नमक को अंगूर में डालकर सेवन करना चाहिए।

भूख बढ़ाने में भी अंगूर एक कारगर नुस्खा है। विटामिन ए  की भरपूर मात्रा होने पर यह भूख को बढ़ाने में मदद करता है।
खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून  की कमी पूरी हो जाती है।

# अंगूर हीमोग्लोबिन  को बढ़ाता है। इसलिए अंगूर का एक गिलास जूस अवश्य पीयें।

# याददास्त  को बढ़ाने के लिए अंगूर के रस की 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को पानी के साथ मिलाकर, खाना खाने के बाद लें। यह आपकी कमजोर याद शक्ति को बढ़ाएगा।

अंगूर मुंह के छालों  से भी मुक्ति दिलता है। अंगूर के रस से कुल्ला करने से मुंह से संबंधित रोग जैसे घाव और छाले दूर हो जाते हैं।

 अंगूर वैदिक दृष्टि  से अनोखा फल है। इसलिए अंगूर को किसी न किसी रूप में अपने भोजन में शामिल करें। अंगूर आपको हमेंशा रोगमुक्त रखेगा साथ कई तरह की समस्याओं से भी निजात दिलवाएगा।
               
                                        4. आम




क्या आपने कभी ये सोचा है कि आम को ही फलों का राजा क्यों कहा जाता है जबकि फल तो सभी स्वास्थ्यवर्धक होते हैं? दरअसल, भारतीय आम अपने स्वाद के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं. भारत में मुख्य रूप से 12 किस्म के आम  होते हैं. आम का इस्तेमाल केवल फल के तौर पर नहीं बल्कि सब्जी, चटनी, पना, जूस, कैंडी, अचार, खटाई, शेक, अमावट (आम पापड़) और बहुत सी खाने-पीने की चीजों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है.
ये एक सर्वसुलभ फल है वरना तो इस महंगाई के समय में कई फल ऐसे हैं जो आम आदमी की जेब का साथ छोड़ चुके हैं. अपने विशेष स्वाद, देश में इसकी भरपूर पैदावार और किफायती होने की वजह से इसे फलों का राजा कहा जाता है. इन सारी वजहों के साथ ही आम के औषधीय गुण और हेल्थ बेनेफिट भी इस फलों का राजा बनाते है:

1. कैंसर से बचाव

आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कोलोन कैंसर, ल्यूकेमिया और प्रोस्टेट कैंसर  से बचाव में फायदेमंद है. इसमें क्यूर्सेटिन, एस्ट्रागालिन और फिसेटिन जैसे ऐसे कई तत्व होते हैं जो कैंसर से बचाव करने में मददगार होते हैं.


2. आंखें रहती हैं चमकदार

आम में विटामिन ए भरपूर होता है, जो आंखों के लिए वरदान है. इससे आंखों की रौशनी बनी रहती है.


3. कोलेस्ट्रॉल नियमित रखने में

आम में फाइबर और विटामिन सी खूब होता है. इससे बैड कोलेस्ट्रॉल संतुलन बनाने में मदद मिलती है.


4. त्वचा के लिए है फायदेमंद

आम के गुदे का पैक लगाने या फिर उसे चेहरे पर मलने से चेहरे पर निखार आता है और विटामिन सी संक्रमण से भी बचाव करता है.


5. पाचन क्रिया को ठीक रखने में

आम में ऐसे कई एंजाइम्स होते हैं जो प्रोटीन को तोड़ने का काम करते हैं. इससे भोजन जल्दी पच जाता है. साथ ही इसमें उपस्थित साइर्टिक एसिड, टरटैरिक एसिड शरीर के भीतर क्षारीय तत्वों को संतुलित बनाए रखता है.


6. मोटापा कम करने में

मोटापा कम करने के लिए भी आम एक अच्छा उपाय है. आम की गुठली में मौजूद रेशे शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में बहुत फायदेमंद होते हैं. आम खाने के बाद भूख कम लगती है, जिससे ओवर ईटिंग का खतरा कम हो जाता है.


7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में

आम खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है.


8. सेक्स क्षमता बढ़ाने में

आम में विटामिन ई अधिक पाया जाता है और इससे सेक्स क्षमता बढ़ती है. साथ ही ये पौरुष बढाने वाला फल भी माना गया है.


9. स्मरण शक्ति में मददगार

जिन लोगों को भूलने की बीमारी हो उन्हें आम का सेवन करना चाहिए. इसमें पाया जाने वाला ग्लूटामिन एसिड नामक एक तत्व स्मरण शक्ति को बढ़ाने में उत्प्रेरक की तरह काम करता है. साथ ही इससे रक्त कोशिकाएं भी सक्रिय होती हैं. इसीलिए गर्भवती  महिलाओं को आम खाने की सलाह दी जाती है.


10. गर्मी से बचाव

गर्मियों में अगर आपको दोपहर में घर से बाहर निकलना है तो एक गिलास आम का पना पीकर निकलिए. न तो आपको धूप लगेगी और न ही लू.  आम का पना शरीर में पानी के स्तर को संतुलित बनाए रखता है जिसकी वजह से ये गर्मियों का बेस्ट पेय  है

5.सेब 




'एन एप्पल ए डे, कीप्स डॉक्टर अवे' इंग्लिश का एक बहुत प्रसिद्ध वाक्य है जिसके हिसाब से हर दिन सेबफल के उपयोग से डॉक्टर को दूर रखा जा सकता है। सेबफल स्वाद में बेहतरीन होने के साथ-साथ कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरा हुआ होता है।
सेबफल को सीधे ही खाया जा सकता है या फ्रूट सलाद का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। इसे नियमित तौर पर अपनाने के अनगिनत फायदे हैं। इसे अपनी डाइट  का हिस्सा बनाने के लिए आप एक और तरीका अपना सकते हैं और वह. तरीका है इसे ज्यूस के रुप में इस्तेमाल करके। सेब को सबसे स्वास्थ्यवर्धक और विभिन्नताओं से भरा हुआ फल समझा जाता है। इसके ज्यूस को सारी दुनिया में काफी मात्रा में उपयोग किया जाता है।  

1. सेबफल में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। इसमें पाए जाने वाले पॉलीफेनोल और फ्लेवोनोइड्स दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, यह आपके शरीर के लिए आवश्यक मिनेरल्स, और पोटेशियम तत्वों  का बेहतरीन स्त्रोत है। दिन में एक बार सेबफल के ज्यूस को लेने से ह्रदय के लिए सुचारु रुप से काम करना आसान हो जाता है।

 2. सेबफल के ज्यूस से दमा रोगियों को अत्यधिक लाभ मिलता है। इससे में दमे के अटैक को रोकने की क्षमता होती है। इसमें होने वाला फ्लेवोनोइड्स फेफड़ों  को ताकतवर बनाता है। शोध से यह साबित हो चुका है  के जो लोग नियमित रुप से सेबफल के ज्यूस का सेवन करते हैं उन्हें फेफड़ों संबंधी बीमारियां होने की संभावना काफी कम हो जाती है।  

3. सेबफल में मौजूद अल्कालिनिटी लीवर को शरीर के शोधन में मदद करता है। सेबफल में शरीर के ph स्तर  को नियंत्रित करने का गुण होता है। इसकी बाहरी परत में मौजूद पेक्टिन से पाचन तंत्र दुरुस्त होता है।  

4. इसका कॉलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने का अनूठा गुण होता है। आधुनिक लाइफस्टाइल में बढ़े हुए कॉलेस्ट्रोल की समस्या बड़े व्यापक पैमाने पर फैल चुकी है और यह ह्रदय संबंधी रोगों   का मुख्य कारण है।  इस प्रकार सेबफल का ज्यूस अपनाकर आप अपने ह्रदय को सुरक्षित रखने का एक आसान रास्ता अपना सकते हैं।

5.सेबफल में विटामिन C संतुलित मात्रा में होता है साथ ही साथ इसमें आयरन और बॉरोन  भी पाया जाता है। इन सभी के क़ॉम्बीनेशन से हड्डियों में ताकत आती है।  

6.इसमें मौजूद विटामिन C से इम्यून सिस्टम भी सुधरता है। सेबफल के नियमित इस्तेमाल से शरीर में बैक्टेरिया और जर्म्स  से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है।   

6. आंवला 



  आंवला के गुण : आंवला में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता हैं. और आंवले  में पोटासियम ,कार्बोहायड्रेट ,फाइबर ,प्रोटीन्स ,विटामिन्स ‘ए’,’बी काम्प्लेक्स ,मैग्नीशियम ,विटामिन ‘सी’ ,आयरन,आंवला में विटामिन ‘सी’ भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं.नारंगी से २० % ज्यादा विटामिन ‘सी ‘ होता हैं और इसको गर्म करने पर भी इसकी विटामिन ख़त्म नहीं होते हैं.

 आंवला के स्वास्थ सम्बन्धी  फायदे :-

1आँखों से सम्बंधित बीमारी के लिए

आंवला का रस आँखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं. आंवला आँखों की दृष्टी को या ज्योति को बढाता हैं. मोतियाबिंद में,कलर ब्लाइंडनेस, रतोंधी या कम दिखाई पड़ता हो तो भी आंवला का जूस फायदेमंद हैं. आखों के दर्द में भी काफी फायदा होता हैं.

2. मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढाता एवं पाचनक्रिया में मदद करता हैं

आंवला मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढाता हैं. मेटाबोलिज्म क्रियाशीलता से हमारा शरीर स्वस्थ और सुखी होता हैं. आवला भोजन को पचाने में बहुत मददगार साबित होता हैं खाने में अगर प्रतिदिन आवले की चटनी, मुरब्बा ,अचार ,रस, चूर्ण या चवनप्रास कैसे भी रोजमरा की जिन्दगी में शामिल करना चाहिए. इससे कब्ज की शिकायत दूर होती हैं पेट हल्का रहता हैं.रक्त की मात्रा में बढ़ोतरी होती हैं.खट्टे ढकार आना ,गैस का बनाना ,भोजन का न पचना ,इत्यादि में आवला के 5 ग्राम पाउडर को पानी में भिगों कर सुबह शाम ले. अम्लीय पित्त के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता हैं.

3. डायबिटिक के लिए

आवला में क्रोमियम तत्व पाया जाता हैं जो डायबिटिक के उपयोगि होता हैं. आवला इंसुलिन होरमोंस को को सुदृढ़ करता हैं और खून में सुगर की मात्रा को नियंत्रित करता हैं. क्रोमियम बीटा ब्लॉकर  के प्रभाव को कम करता हैं, जो की ह्रदय के लिए अच्छा होता हैं ह्रदय को स्वस्थ बनाता हैं.आवला खराब कोलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं. आवला के रस में शहद मिलाकर लेने से डायबिटिक वालोन को बहुत फायदा होता हैं.

4महावारी में समस्या

महिलाओं में महावरी की समस्या आम होती जा रही हैं. माहवारी का देर से आना ,ज्यादा रक्तस्त्राव होना,जल्दी जल्दी आना,कम आना , पेट में दर्द का होना,ऐसी कई समस्यां होती रहती हैं.एसं सबके लिए आवला का सेवन फायदेमंद होता हैं.आवला में मिनिरल्स ,विटामिन्स पाया जाता हैं जो महावारी में बहुत आराम  दिलाता हैं.अगर आवला का सेवन नियमित किया जाये तो महावारी की समस्याओ से छुटकारा मिलता हैं .महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाती हैं .

5. प्रजनन सम्बन्धी समश्याओं में लाभकारी

आंवला प्रजनन के लिए बहुत ही उत्तम हैं महिलाओ और पुरुषो के लिए आंवला के सेवन से पुरुषो में शुक्राणु की क्रियाशीलता और मात्रा बढती हैं और महिलाओं में अंडाणु  अच्छे और स्वस्थ बनते हैं, माहवारी नियमित हो जाती हैं.

6हड्डियों के लिए उत्तम

आंवला के सेवन से हड्डियाँ मजबूत और ताकत मिलती हैं. आंवला के सेवन से ओस्ट्रोपोरोसिस  और आर्थराइटिस एवं जोरो के दर्द में भी आराम दिलाती हैं. 

7तनाव से छुट्टी

आमला के सेवन से तनाव में आराम मिलता हैं अच्छी नींद आती हैं.आवला के तेल को बालों के जड़ों  में लगाया जाये तो कलर ब्लाइंडनेस से छुटकारा मिलता हैं.सर को ठडा रखता हैं.और राहत देता हैं.

8संक्रमण से बचाव

आंवला में बक्टेरिया और फंगस से लड़ने की क्षमता होती हैं और ये बाहरी बीमारियों से भी हमें बचाती हैं. आंवला शरीर को पुष्ट कर उसे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं, औरटोक्सिन  को यानी विषाक्त प्रदार्थ को हमारे शरीर से निकलती देती हैं. आंवला अल्सर,अल्सरेटिव,कोलेटीस,पेट में संक्रमण ,जैसे विकार को  खत्म करता हैं. आंवला का रस या पाउडर प्रतिदिन लेने से बहुत फायदा होता हैं.

9. मूत्र विकारो से छुटकारा दिलाता हैं

मुत्र विकारों में आंवला का चूर्ण फायदा करता हैं. आंवला के छाल और इसकी पत्तीयों को पानी में उबाल कर छान ले और उसका सेवन करे बहुत फायदा होता हैं. किडनी में होने वाले संक्रमण  को भी खत्म करता हैं. किडनी में होने वाले पत्थर से भी छुटकारा दिलाता हैं.

10वजन कम करने में

आंवला के रस का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती हैं. आमला हमारे मेटाबोलिज्म  को तेज कर वजन कम करने में मदद करती हैं. आंवला के सेवन से भूख कम लगती हैं और काफी देर तक पेट भरा हुआ रहता हैं. 

11बबासीर में आराम दिलाता हैं

आवले के रस से बबासीर ठीक  हो जाता हैं.

12. ह्रदय की समस्या से उबारता हैं

आवला हमारे ह्रदय के मांसपेशियों के लिए उत्तम होता हैं.आमला हमारे ह्रदय को स्वस्थ बनाने में कारगर हैं.आमला ह्रदय की नालिकाओ में होने वाली रुकावट को ख़त्म करता हैं.खराब कलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं आवला में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं. जो शरीर में फ्री रेडिकल को बनाने ही नहीं देता .एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में एमिनो एसिड और पेक्टिन पाए जाते हैं.जो की कलेस्ट्रोल को नहीं बनाने देता हैं और ह्रदय की मांशपेशियों को मजबूती देता हैं.आवला का रस प्रतिदिन सेवन करता लाभप्रद हैं.आवले को किसी भी रूप में आप ले सकते हैं.


7.चीकू



चीकू एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से मिल जाता है और बहुत स्वादिष्ट भी होता है। भोजन के बाद यदि चीकू का सेवन किया जाए तो यह निश्चित रूप से लाभ प्रदान करता है। चीकू के फल में 71 प्रतिशत पानी, 1.5 प्रतिशत प्रोटीन, 1.5 प्रतिशत चर्बी  और पच्चीस प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमे विटामिन ए तथा विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है। चीकू के फल में 14 प्रतिशत शर्करा भी होती है। इसमें फास्फोरस तथा लौह भी काफी मात्रा में होता है और क्षार का भी कुछ अंश होता है। चीकू एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से मिल जाता है और बहुत स्वादिष्ट भी होता है। भोजन के बाद यदि चीकू का सेवन किया जाए तो यह निश्चित रूप से लाभ प्रदान करता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं चीकू खाने के कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में ....
आंखों के लिए अच्छा 

 चीकू में विटामिन ए अच्छी मात्रा में पाया जाता है जिसकी वजह से बुढ़ापे में होने वाली आखों की समस्यों को भी दूर किया जा सकता है।

सोर्स ऑफ़ एनर्जी चीकू में ग्लूकोज  अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। जो लोग रोज़ व्यायाम और कसरत करते हैं, उन्हें ऊर्जा की बहुत आवश्यकता होती है इसलिए उन लोगों को चीकू रोज़ खाना चाहिए।

एन्टी-इंफ्लेमेटरी एजेंट चीकू में टैनिन  की अच्छी मात्रा पाई जाती है जिसकी वजह से यह एक अच्छा एन्टी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। दूसरे शब्दों में कहा जाये तो यह कब्ज, दस्त, और एनिमिया जैसी बिमारिओं से बचाता है, साथ ही आंतों की शक्ति बढ़ता है, हृदय और गुर्दे के रोगों को भी होने से रोकता है।

कैंसर के ख़तरे से बचाता 

 है चीकू में विटामिन ए और बी अच्छी मात्रा पाया जाता है, और इसमें एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो जो कैंसर से बचाता है। विटामिन ए फेफड़ों और मुँह के कैंसर से बचाता है।

हड्डियों के लिए गुणकारी चीकू

  में कैल्शियम फास्फोरस और आयरन की अतिरिक्त मात्रा पायी जाती है, जो हड्डियों के लिए आवश्यक होती है। कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस की अच्छी मात्रा होने की वजह से हड्डियों को बढ़ने और मजबूती देने में चीकू बहुत लाभ दायक होता है।

कब्ज से राहत चीकू में फाइबर  (5.6/100g) मात्रा में पाया जाता है, इस लिए इसमें अच्छी मात्र में लैक्सटिव(रेचक) पाया जाता है जो कब्ज से राहत दिलाता है और अन्य संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता है।

गर्भावस्था के दौरान  

लाभदायक कार्बोहाइड्रेट और आवश्यक पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाए जाने की वजह से यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए चीकू बहुत फायदेमंद होता है। चीकू गर्भावस्था के दौरान होने वाली अन्य कमजोरी जैसे मतली और चक्कर जैसी दिक्कतों को भी कम करता है।

हेमोसटाटिक प्रॉपर्टीज  चीकू में हेमोसटाटिक प्रॉपर्टीज के गुण भी पाए जाते हैं मतलब यह शरीर में होने वाले रक्त के नुकसान से भी बचाता है। इस प्रकार, चीकू बवासीर और ज़ख़्म को भी जल्दी ठीक कर देता है, और इसके बीज को पीस कर उसे कीड़े के काटने की जगह पर भी लगाया जा सकता है।

एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण  पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट के होने के कारण चीकू में कई एंटी-वायरल, एंटी-परसिटिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। एंटीओक्सिडेंट होने के कारण यह शरीर में बैक्टीरिया को आने से रोकता है, विटामिन सी हानिकारक मुक्त कण को नष्ट करता है, और पोटेशियम, आयरन, फोलेट, और नियासिन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

दस्‍त से राहत चीकू में एंटी-

 डाइरियल के गुण भी पाए जाते हैं। पानी में चीकू को उबाल कर बनाये गए काढ़े को पीने से दस्त से आराम मिलती है। यह बवासीर और पेचिश से भी राहत पहुंचता है।

मानसिक स्वास्थ्य चीकू दिमाग  

को शांत रखने में बहुत मदद करता है। यह दिमाग की तंत्रिकाओं को शांत और तनाव को कम करने में मदद करता है। इस प्रकार, यह अनिद्रा, चिंता और अवसाद से पीड़ित व्यक्तियों के लिए बहुत लाभ दायक होता है।

सर्दी और खांसी चीकू
  में कुछ खास तत्व पाए जाते हैं जो श्वसन तंत्र से कफ और बलगम निकाल कर और पुरानी खांसी में राहत देता है। इस प्रकार यह सर्दी और खांसी से बचाता है।

गुर्दे की पथरी चीकू के फल के बीज को पीस का खाने से गुर्दे की पथरी को द्वारा पेशाब निकाल देता है। यह साथ ही यह गुर्दे के रोगों के से भी बचाता है।

 तो बताइए मेरे द्वारा फलो के बारे मे दी गयी जानकारी आपको कैसी लगी अगर अच्छी लगी हो तो लाइक ,शेयर ओर कमेंट करके जरूर बताइयेगा।
धन्यवाद

Post a Comment

Previous Post Next Post