गर्मी में लू (lu) लगने से कैसे बचें, लक्षण , ओर घरेलू उपचारो को जाने.....

गर्मी में लू (lu) से कैसे बचें

गर्मी में लू (lu) लगने से कैसे बचें, लक्षण , ओर घरेलू उपचार
प्रतिक्रियात्मक चित्र- गर्मी का मौसम
गर्मी का मौसम अप्रैल से लेके जुलाई तक का माना गया हैं।इसके दौरान इस मौसम में गर्म हवा और बढ़े हुए तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है,इस दौरान हमे अपने शरीर की देखरेख बहुत अच्छे से करनी चाहिए।क्योंकि गर्मी के समय मे तापमान कई स्थानों पर इतना अधिक हो जाता है ,जिससे की हमारे शरीर के अंदर के तापमान में परिवर्तन होने लगता हैं।इस दौरान हमे लू (lu) लगने का डर रहता है।साथ ही आपका चेहरा भी मुरझा जाता है।इस चिलचिलाती गर्मी में लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय काफी कारगर साबित होते है।

 लू से बचने के घरेलू उपाय

  • धूप में निकलते वक्त छाते का इस्तेमाल करना चाहियेे, सिर ढक कर धूप में निकलने से भी लू से बचा जा सकता हैंं।
  • घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर बाहर निकले ,जैसे आम का पान, शिकंजी , खस का शर्बत ज्यादा फायदेमंद रहता हैं।
  • धूप में निकलने से पहले नाखून पर प्याज घिसकर लगाने से लू नहीं लगती, यही नहीं धूप में बाहर निकलते वक्‍त अगर आप छिला हुआ प्‍याज लेकर साथ चलेंगे तो भी आपको लू नहीं लगेगीं।
  • सब्जियों के सूप का सेवन करने से भी लू से बचा जा सकता हैं।
  • धूप से आने के बाद थोड़ा सा प्याज का रस शहद में मिलाकर चाटने से लू लगने का खतरा कम होता है।
  • तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिये।
  • गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू लगने का खतरा कम रहता हैं।
  • धूप में बाहर जाते वक्त खाली पेट नहीं जाना चाहिये।
  • गर्मी के दिनों में हल्का भोजन करना चाहिये भोजन में दही और लस्सी को जरूर शामिल करना चाहिये।
  • गर्मी के मौसम में खाने के बाद गुड़ खाने से भी लू लगने का डर कम होता है।
  • टमाटर की चटनी, नारियल और पेठा खाने से भी लू नही लगती।
  • लू लगने पर जौ के आटे और प्याज को पीसकर पेस्ट बनाएं और उसे शरीर पर लगाने से भी राहत मिलती हैं।
Skin-care-tips-in-summer

लू लगने और ज्यादा गर्मी में शरीर पर घमौरियां (छोटे छोटे दाने जैसे) हो जाती हैं, बेसन को पानी में घोलकर घमौरियों पर लगाने से फायदा होता हैं।
गर्मी में लू (lu) लगने से कैसे बचें, लक्षण , ओर घरेलू उपचार
प्रतिक्रियात्मक चित्र-गर्मी मे तापमान
वैसे तो गर्मी, धूप और लू से बचने के लिए आप कई तरह से सतर्क रहते हैं और इनसे बचने का पूरा प्रयास भी करते हैं। लेकिन इन सभी के बावजूद अगर आपको लू लग जाए, या फिर शरीर में गर्मी अधिक बढ़ जाने पर आप बीमार जैसा  महसूस करते हैं।
बीमार होने की अवस्था मे आपको यह उपाय जरूर आजमाने चाहिए -
  • खुले शरीर धूप में न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो धूप में निकलने पर सिर अवश्य ढंके। आंखों पर सनग्लासेस (sunglasses) लगाएं और हो सके तो सफेद या हल्के रंग के कॉटन के कपड़े ही पहनकर बहार निकले।
  • अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह ना जाएं। खासकर एसी(AC) में बैठे रहने के बाद तुरंत धूप में ना निकलें। कच्चा प्याज रोज खाएं। 
  • धूप में निकलने पर अपने पॉकेट में छोटा सा प्याज रखें, यह लू शरीर को लगने नहीं देता और सारी गर्मी खुद सोख लेता है। 
  • नहाने से पहले जौ के आटे को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर बॉडी पर लगाकर कुछ देर बाद ठंडे पानी से नहाने से लू का असर कम होता हैं।
  • लू से बचने के लिए कच्चे आम का लेप बनाकर पैरों के तलवों पर मालिश करनी चाहिये।

लू लगने के पाँच बड़े लक्षण, जरूर जानिए

गर्मी में लू (lu) लगने से कैसे बचें, लक्षण , ओर घरेलू उपचार
प्रतिक्रियात्मक चित्र- लू के लक्षण
  • आपको अपने शरीर मे बहुत अधिक थकान महसूस होने लग जायेगी,साथ ही हल्का जुखाम की तरह लगने लगेगा।
  • सिर में दर्द होना,चक्कर आना,गर्मी के बावजूद भी पसीना नही  आना,त्वचा लाल गर्म और सुखी हो जाना।
  • मासपेशियों में ऐंठन होना,तापमान बढ़ना, जी घबराना, उल्टियां होना।
  • दिल की धड़कने बड़ जाना ,सांस लेने में तकलीफ होना,कालरा होना,व्यवहार में परिवर्तन परिवर्तन जैसा भर्म आदि का होना।
  • लू लगने पर तत्काल योग्य डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर को दिखाने के पूर्व कुछ प्राथमिक उपचार करने पर भी लू के रोगी को राहत महसूस होने लगती है।

गर्मी के दिनों में लू(lu) से ऐसे भी बचा जा सकता है

लू से बचाव
प्रतिक्रियात्मक चित्र-गर्मी की भोजन सामग्री
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। जिससे पसीना आकर शरीर का तापमान नियमित निर्धारित हो सके तथा शरीर में जल की कमी न हो सके। अधिक गर्मी में मौसमी फल, फल का रस, दही, मठ्ठा, जीरा छाछ, जलजीरा, लस्सी, आम का पना पिएं या आम की चटनी खाएं।
  • बुखार तेज होने पर रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाना चाहिए। 104 डिग्री से अधिक बुखार होने पर बर्फ की पट्टी सिर पर रखना चाहिए।
  • रोगी को तुरंत प्याज का रस शहद में मिलाकर देना चाहिए। रोगी के शरीर को दिन में चार-पांच बार गीले तौलिए से पोंछना चाहिए।
  • चाय-कॉफी आदि गर्म पेय का सेवन अत्यंत कम कर देना चाहिए।
  • प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े अथवा सुराही के पानी का सेवन करवाना चाहिए। बर्फ का पानी नहीं पिलाना चाहिए क्योंकि इससे लाभ के बजाए हानि हो सकती है।
  • कैरी का पना विशेष लाभदायक होता है। कच्चे आम को गरम राख पर मंद आंच वाले अंगारे में भुनें। ठंडा होने पर उसका गूदा (पल्प) निकालकर उसमें पानी मिलाकर मसलना चाहिए। इसमें जीरा, धनिया, शकर, नमक, कालीमिर्च डालकर पना बनाना चाहिए। पने को लू के रोगी को थोड़ी-थोड़ी देर में दिया जाना चाहिए।
  • जौ का आटा व पिसा हुआ प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करें तो लू से तुरंत राहत मिलती है। जब रोगी को बाहर ले जाएं, तो उसके कानों में गुलाब जल मिलाकर रूई के फाहे लगाएं। रोगी की नाभि पर खड़ा नमक रखकर उस पर धार बांध कर पानी गिराए। सारी गर्मी झड़ जाएगी।
  • मरीज के तलवे पर कच्ची लौकी घिसें, इससे सारी गर्मी लौकी खींच लेगी और तुरंत राहत मिलेगी। लौकी कुम्हला जाए तो समझें कि लू की गर्मी उतर रही है। यह क्रिया बार-बार दोहराएं।
Ghrelu-Face-pack-tips-in-hindi.

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